: मां जन्नत का हूर है बेशकीमती नूर है - कशिश
Mon, May 8, 2023
जन्म देती है जो
वो है मां
प्यार करती है जो
वो है मां
गलती पर डांटती है जो
वो है मां।
मां जब तक है हमारे साथ
तब तक है जिंदगी की हर सांस
जिस दिन मां चली गई
उस दिन दुनिया वीरान हो गयी।
वो तो वही जानता है
जिसके पास मां नहीं है
और जिसके पास है मां
उसे उसकी कदर नहीं है
मां जन्नत का हूर है बेशकीमती नूर है आ जाती आने से जिसकी रौनक वो प्यारी हमारी मां है।
कशिश - पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड।
: मां तो आखिर होती है मां - आरुषी
Mon, May 8, 2023
मां तो आखिर होती है मां
अपने सपनों को त्यागकर
रातों को जागकर
हमारी ख्वाहिश करती है पूरी।
उनके बिना ज़िंदगी अधूरी
ममता मयी आंचल है जिनका।
जिनकी,
खुशियों की होती है
मां की आंखों में करुणा की ज्योति।
रिश्तों को यह संजोए रखती
सारे दर्द खुद ही सह लेती और
मौत से भी लड़ जाती हैं।
आरुषी - पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड।
: मां से बड़ा जग में कोई ना है महान - द्रष्टि
Mon, May 8, 2023
मां से बड़ा ना जग में कोई ना है महान
ईश्वर भी मां को पूजता सारा जहान।
कभी दुर्गा कभी चंडी बन जाती है
जब बात अपने बच्चों पर आती है।
मां के प्यार में डूबा हर एक बच्चा हैं
जग में कोई ना अच्छा है बस मां का रिश्ता सच्चा है।
उनसे पूछो जिनकी मां नहीं होती
वह बेटी किसके आंचल में रोती।
कभी जाना तुमने इस बात को
वो मां तुम्हारी याद में रोती।
जिसने मां के प्यार को ना जाना
उस हर एक बच्चे ने मां को खोया हैं।
द्रष्टि - पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड