: मां से बड़ा जग में कोई ना है महान - द्रष्टि
मां से बड़ा ना जग में कोई ना है महान
ईश्वर भी मां को पूजता सारा जहान।
कभी दुर्गा कभी चंडी बन जाती है
जब बात अपने बच्चों पर आती है।
मां के प्यार में डूबा हर एक बच्चा हैं
जग में कोई ना अच्छा है बस मां का रिश्ता सच्चा है।
उनसे पूछो जिनकी मां नहीं होती
वह बेटी किसके आंचल में रोती।
कभी जाना तुमने इस बात को
वो मां तुम्हारी याद में रोती।
जिसने मां के प्यार को ना जाना
उस हर एक बच्चे ने मां को खोया हैं।
द्रष्टि - पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड
Tags: