: आओ होली की तैयारी करें - प्रीति बर्वे बडोले
आओ होली की तैयारी करें
चटकिलें , सुनहरे,छहरे रंगों को इस उत्सव में समाहित करें
आओ होली की तैयारी करें
कुछ अनाम रिश्तों की सिफारिश करें
अनजान पहलुओं की पहचान करें
रूठों को मनाने की साजीश करें
टूटे हुए तारों की नुमाइश करें
बिछड़ गए जो वक्त की मात से
उन रिश्तों की फरमाइश करें
आओ होली की तैयारी करें
यादों में रहते हैं जो हरपल
उन किस्सों में ताजगी भरें
बित गए जिनके बिना कई
दिन, महिने,साल,
संग कुछ पल बिताने की गुंजाइश करें
आओ होली की तैयारी करें
सूख गए वो गूलाब जो
रखें थे किताबों में
एकटक निहार कर उन्हें मन को मुस्कराहट से भरे
खो गई जो राहें सुनेपन से
उन राहों में ठहाकों की गूंज करें
आओ होली की तैयारी करें।
प्रीति बर्वे बडोले - इंदौर
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