: नारी महिमा अपरंपार, नारी से हैं सम्पूर्ण संसार - अनिल गुप्ता ग्वालियरी
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Tue, Mar 7, 2023
नारी शक्ति-नारी महिमा
तो है अपरंपार
नारी माता-बहन-पत्नि-बेटी
पुष्पित-सुरभित प्यार
नारी से संसार
प्रथम गुरू, पाठशाला है
प्रेम नदी औ' झरना
सीखा है हमने उससे ही
हंसना-बोलना-चलना
जननी नहीं होती तो हम
कैसे लेते आकार?
माँ सरस्वति-दुर्गा-लक्ष्मी
और है काली माई
ज्ञान-बल-धन देने वाली
तरुवर-सी परछाई
प्रेमानंद पूर्ण जीवन सुख
तन-मन का आधार
सीता-राम औ' राधे-श्याम
हम भजते रहते हैं
राम, श्याम से पहले
सीता, राधे क्यों कहते हैं ?
नारी ही करती है सुखमय
जीवन को साकार
'अनिल' प्रभु की सर्वश्रेष्ठ कृति का
जो ना करे सम्मान
जानवर-सम है वो प्राणी
नहीं है वो इंसान
नारी तो है प्रभु उपहार
कर नारी सत्कार
-अनिल गुप्ता ग्वालियरी
(गीतकार-लेखक, अभिनेता)

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