Sat 18 Apr 2026

🎤 KKC Talent Show

Auditions Now Open — Register Here

ब्रेकिंग

आप भी अपनी आवाज़ उठाएं और ख़ुशी का गीत गाएं।

E-Paper अगस्त 2025

डॉक्टरों ने गाए गीत, थामा माइक, गिटार और सेक्सोफोन से लेकर कांगो-बोंगो तक

E-Paper जून 2025

E-Paper मई 2025

: सब के संग कान्हा रास रचाये-खेले होली रे - अनिल गुप्ता ग्वालियरी

सब के संग कान्हा रास रचाये-खेले होली रे - अनिल गुप्ता ग्वालियरी

सब के संग कान्हा रास रचाये
सब के संग खेले होली रे
श्याम ने ऐसो रंग लगायो
श्याम ने ऐसो रंग चढा़यो
श्याम रंग में यो रंग गई राधा
राधा ना रही गोरी रे

मोर-मुकुट, कमर मुरलिया
श्याम हाथ पिचकारी रे
तोड़ के, माखन लूटे
मन मोहन-गिरधारी रे
मन को भाये
श्री कृष्ण की लीला
उनकी माखन चोरी रे
श्याम ने ऐसो रंग चढा़यो--

नटखट-माखन चोर की बातें
मधुर मनोहर लागे रे
मधुर-मनोहर बंसी धुन सुन
प्रेम सभी उर जागे रे
खिचे जा रहे मन-मोहन से
बंधे प्रेम की डोरी रे
श्याम ने ऐसो रंग चढायो--

रंग लगाये, रास रचाये
माखन चोर मुरारी रे
श्याम-रंग में रंग सब मस्त है गये
सुध-बुध खोये नर-नारी रे
'अनिल'
कृष्ण-प्रेम रंग चढे़ बिना
जीवन-पाती कोरी रे
श्याम ने ऐसो रंग चढायो

गीतकार-अनिल गुप्ता ग्वालियरी

Tags: