: मेरी एक नहीं दो सुपर मॉम - शिवांगी तिवारी
सबके जीवन में मां का महत्व ही अलग है और में बहुत खुशनसीब हूं की मेरे जीवन में एक नही दो मां है और दोनो ही मेरे लिए सुपर मॉम्स हैं, एक ने मुझे जन्म दिया पढ़ाया लिखाया आत्मनिर्भर बनाया, अपने अंदर के सारे गुण सिखाए, अध्यापिका और साहित्यिक कवियत्री होते हुए भी किस तरह से घर को संभाला और हमे भी ज्ञान का पाठ सिखाया की जीवन में किस तरह संतुलन बनाकर रखना है, कर्तव्य और कर्म की आवश्यकता है, जिंदगी में उसूलों का होना क्यों जरूरी है, में उनके द्वारा दिए गए संस्कारों का जितना आभार व्यक्त करू कम है, आज भी उनकी सलाह मेरे लिए बहुत फायदेमंद और महत्वपूर्ण होती हैं।

मेरी दूसरी मां जो मुझे मेरी शादी के बाद सास के रूप में मिली, दिनभर सबका ख्याल रखने वाली, कभी किसी का बुरा नही सोचने वाली, दया से भरपूर अन्नपूर्णा देवी जिनका होना हमारे घर की नींव है, वो घर की स्तंभ है, उन्होंने मुझे एक दुसरे का ख्याल रखना, दया करना और सबको माफ करना सिखाया है, भगवान सभी को ऐसी मां दे जिनसे जीवन पूर्ण लगता है, सुरक्षित होने का एहसास जीवन पर्यंत रहता हो।
शिवांगी तिवारी, Founder of Mysoulmantra - गुड़गांव
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