: गीतों में तुझको गाया है - अनिता गौतम
admin
Wed, May 10, 2023
गीतों में तुझको गाया है, शब्दों में तुझको पाया है
महसूस करूं तुझको जितना, तूने उतना हर्षाया है
तू निर्मल निश्चल काया है, तू शीतल पावन छाया है
तुझ में करुणा को पाया है, तुझमें ममता को पाया है
मदहोश करे तू मुझको, तू ऐसी मधुशाला है
गीतों में तुझको गाया है, शब्दों में तुझको पाया है
तू ही तो अपना साया है, तुझसे ही जीवन पाया है
तूने ही जीना सिखाया है, तूने ही जगत बनाया है
तू बहती नदिया की धारा है, तुझ पर ही सब कुछ वारा है
तेरा रूप जो सबसे न्यारा है, तेरा मिला सदा सहारा है
तुझसे ही जगत ये प्यारा है, तुझ बिन क्या अक्ष हमारा है
तुझ में देवों को पाया है, तुझ में वेदों को पाया है
गीतों में तुझको गाया है, शब्दों में तुझको पाया है
अनिता गौतम - आगरा
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